Deepawali Kiya Hai Aur Diwali Kyn Manate Hain (दीपावली 2018)

दीपावली दो शब्दों का मेल है दीप+आवली जिसका अर्थ होता है दीपो का festival तो दोस्तों आज हम जानेंगे दीपावली के कुछ महत्पूर्ण तथ्य के बारे में जो हर हिन्दुसतानियो को जानना बहुत ही जरूरी है, की हम दीपावली क्यों मनाते है, दीपावली मनाने के पीछे क्या कारन है, और साथ ही इस festival को मनाने से हमे क्या-क्या नुकसान होते है, और उस नुकसान से हमे कैसे बचना चाहिए So, let’s start >>>


Deepawali Kiya Hai Aur Diwali Kyn Manate Hain (दीपावली 2018)

Deepawali Kyo Manate Hai

हिन्दुवासियो को दिवाली मनाने का main कारन इसके पीछे का इतिहास है, वैसे तो हिन्दोवासियो का ये मानना है की जब Ram अपने 14 साल का वनवास बिता कर जब अयोध्या लौट रहे थे तब अयोध्या वासियों ने राम का स्वागत खुश होकर और दीप जलाकर कर किया था जिसके कारन हिन्दू ग्रन्थ के लोग इस festival मनाते है,

Deepawali Kb Manate Hai

दीपावली अमावस्य के दिन मनाई जाती है, क्योकि उस दिन राते बहुत बड़ी होती है और काफी अँधेरा होता है जिससे बुराई जन्म लेने लगती है तो हम उस बुराई को खत्म करने के लिए अपने घर के अन्दर और बाहर हर तरह का लाइट लगाते है ताकि अंधकार मिट जाए और उजाला हो जाये

Deepawali Deshahara Ke Baad Hi Kyo Manayi Jaati Hai

ये सवाल सबसे अहम् है, की हम दीपावली दशहरा के बाद ही क्यों मानते है, तो इसका सबसे main रीज़न ये है की राम ने रावन के दसो सर काट दिए तो उस दिन हिन्दू लोग दसहरा मनाते है, और जब राम अपने वनवास काट कर लौट रहे होते है तो उस टाइम हम दीपावली मनाते है,

Deepawali Ka Kya Mahtab Hai

दीपावली मनाने का महत्व है बुराई पर अच्छाई की जीत, अगर हिन्दोवासियो के ग्रन्थ के हिसाब से देखा जाए तो, जब राम ने रावन के दसो सिरों को काट दिए थे उस समय राम की जित हुई थी और बुरे रावन की हार,
और इसी कारण हिदू ग्रन्थ के लोग दीपावली के एक दो दिन पहले ही अपने घर, कार्यलय, दुकानों, और दफ्तरों में साफ सफाई करते है, ताकि दीपावली के दिन सारी बुराई घर से निकलर बाहर हो जाए और उस दिन धन की बरसा हो और खुशहाली आये

Deepawali Ki Taiyaari Kaise Kare

दीपावली की तैयारी करने के लिए सबसे पहले हमे अपने घरो को साफ़ करना चहिये, साथ ही अपने घरो को तरह तरह के लाइटो से सजाना चाहिए, और इसके एक दिन पहले हम कुछ नए सामान की खरीदारी करते है, जिसे हम धनतेरस के नाम से जानते है |

Dhanterash Ka Kya Mahtv Hai

धनतेरस का मतलब अपने धन को 13 गुना अधिक करना और साथ ही उसे वृद्धि भी करना होता है, दीपावली में धनतेरस एक दिन पहले मनाया जाता है, इस दिन हिन्दुवासी सोने चांदी के बर्तन खरीदते है क्योकि इस दिन बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है, और इसी दिन हम कुबेर भगवान की पूजा भी करते है, जिनको धन वर्सा भगवान भी कहा जाता है,  


Laxmi Devi Ki Puja

हिन्दू ग्रन्थ के हिसाब से ये माना जाता है की लक्ष्मी देवी उन्ही के घर प्रवेश करती है जिनके घर में साफ़ सफाई रहती है, और साथ उनके घर में दीपो से खूब सजावट रहती है, इसलिए दीपावली के दिन हमसब खास कर अपने घरो और दफ्तरों को लाइटो और दीपो से खूब सजाते है जिससे हमारे घर जगमगा उठते है, और देखने में ऐसा लगता है जैसे यहाँ से सभी बुराई खत्म सी हो गयी है|

Choti Deepawali

इंडिया में देखा जाए तो हर festival को दो दिनों में devide किया जाता है जिसमे एक छोटी होती है और एक बड़ी for example :- छोटी होली बड़ी होली, ठीक इसी तरह से दीपावली भी दो भागो में डिवाइड होती है, लेकिन सही मायने में बड़ी दीपावली ही अच्छे तरीके से मनाते है,

Badi Deepawali

हिन्दुवासी जो भी दीपावली की सबसे महत्पूर्ण चीजे होती है वो बड़ी दीपावली के दिन ही होती है, इसी दिन लक्ष्मी माँ की पूजा होती है, घर में तरह तरह के पकवान बनते है और बच्चे खूब खुशिया मनाते है, और पटाखे भी फोड़ते है,

Deepawali Se Arthik Madad

दीपावली festival तो वैसे बच्चो के लिए होता है लेकिन इसके साथ साथ बड़ो को भी फायदा होता है, कुछ इस तरह से, एक तो दीपावली लाइट का festival है तो इन सभी तरह तरह के लाइट को बेचने के लिए हरेक चौराहे पर हर तरह का लाइट बेचती है जिससे उन दुकानदारो को भी  आर्थिक हेल्प मिल जाती है

Deepawali Se Bada Nuksan

क्या आप भी दीपावली के दिन पटाखे फोड़ते है, अगर हाँ तो ये बात पहले आप जान ले की सिर्फ दीपावली के दिन और अगले 1 वीक तक हमारे बायुमंडल में बहुत सारे पोलुशन फ़ैल जाते है जिससे हमे ही नुकसान होता है, और हमारे atmoshphare को भी होता है जो गर्मी के दिनों का सबसे बड़ा कारण बनता है, इसके लिए आप अपने आप को जागरूक करे और दुसरे लोगो को भी इसके बारे में बताये

Deepawali Kaise Manana Chahiye

friends दीपावली मनाने का मतलब ये नही की आप उस दिन खूब पटाखे फोड़े या खूब अपने घरो में लाइट लगा लिए, ये बिल्कुल गलत है, ऐसा इसलिए की इंडिया में festival का मतलब होता है की दुसरो को भी प्यार करे,
तो आप जितने पैसे पटाखे फोड़ने में खर्च करते है इसके बदले आप उस पैसे से आप कुछ मिठाई खरीद कर उन बच्चो को बाटे जिनको जरूरत है, और उन घरो में भी लाइट लगाये जिनके घर दीपावली के दिन सूना सुना होता है
भले ही इस काम से आपका मन में दुखी हुआ हो की मैं आज पटाखे नही फोड़ पाया, लेकिन आपको इस बात से जरूर ख़ुशी होगी की मै नही फोड़ पाया तो क्या हुआ किसी दुसरे के घर तो उजाला किया

Deepawali Ki Prathnaye

in संस्कृत
असतो मा सद्गमय।
तमसो मा ज्योतिर्गमय।
मृत्योर्मा अमृतं गमय।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
in हिन्दी
असत्य से सत्य की ओर।
अंधकार से प्रकाश की ओर।
मृत्यु से अमरता की ओर।(हमें ले जाओ)
ॐ शांति शांति शांति।।

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